
शिमला। विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौपाल, सरस्वती पैराडाइज स्कूल संजौली, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लाल पानी तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के रक्षा एवं सामरिक अध्ययन विभाग के लगभग 220 छात्र-छात्राओं से अलग-अलग संवाद के दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। आज देश की आबादी एक अरब 40 करोड़ है और सबसे अधिक युवा भी भारत में हैं, इसलिए भारत को युवाओं का देश कहा जाता है।
पठानियां ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर हैं, जहां देश और प्रदेश के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से चुनकर आए जनप्रतिनिधि सदनों का गठन करते हैं। उन्होंने कहा कि कानून बनाने का अधिकार केवल चुने हुए प्रतिनिधियों के पास है और लोकसभा तथा विधानसभा ही कानून बना सकती हैं। उन्होंने बताया कि भारत की संसदीय प्रणाली संघीय ढांचे पर आधारित है, जिसमें संघ और राज्य शामिल हैं।
संवाद के दौरान छात्रों ने विधानसभा अध्यक्ष से विभिन्न विषयों पर कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सिलसिलेवार जवाब दिया। पठानियां ने कहा कि जिस तरह छात्र-छात्राएं और युवा सदन की कार्यवाही देखने के लिए लगातार आकर्षित हो रहे हैं और हर रोज करीब 200 विद्यार्थी विधानसभा पहुंच रहे हैं, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती और युवाओं के लोकतंत्र में अटूट विश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने बाल सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों ने मुख्यमंत्री, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और मंत्रिपरिषद के सदस्यों की भूमिका निभाकर ज्वलंत विषयों पर चर्चा की और समाधान तलाशने का प्रयास किया। उनका यह प्रयास अविस्मरणीय, अनुकरणीय और सराहनीय रहा। बाल सत्र का उद्देश्य बच्चों को लोकतांत्रिक प्रणाली से परिचित कराना, उसे समझना और उसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाना था। अंत में विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विद्यार्थियों को सदन की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित करते हुए अपनी ओर से अनंत शुभकामनाएं दीं।


Leave a Reply