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सदन की कार्यवाही देखने पहुंचे ऑकलैंड स्कूल व एचपीयू के छात्र-छात्राएंपठानियां बोले-युवाओं और छात्रों की लोकतन्त्र में बढ़ती रुचि से लोकतन्त्र का भविष्य उज्ज्वल


शिमला, 26 अगस्त 2026। ऑकलैंड स्कूल शिमला तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के समाजशास्त्र विभाग के छात्र-छात्राओं ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश विधान सभा पहुंचकर सदन की कार्यवाही का अवलोकन किया। कार्यवाही देखने से पूर्व छात्र-छात्राओं ने कौंसिल चैम्बर के बाहर विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से मुलाकात की। इस दौरान विद्यार्थियों ने संसदीय प्रणाली, संवैधानिक व्यवस्था, विधान सभा अध्यक्ष के पद के महत्व, सदन के संचालन में उनकी भूमिका तथा मंत्रिमंडल की शक्तियों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। विधान सभा अध्यक्ष ने विद्यार्थियों के सभी प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए उन्हें संसदीय प्रणाली और सदन की कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने कहा कि यह बेहद सुखद और उत्साहजनक पल है कि आज के युवा एवं छात्र संसदीय प्रणाली और संसदीय प्रक्रिया को जानने-समझने के लिए सदन की कार्यवाही देखने में रुचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की लोकतान्त्रिक व्यवस्था के प्रति यह बढ़ती रुचि भारत के लोकतन्त्र की मजबूती का प्रमाण है। यही लोकतन्त्र की शक्ति है और इसी कारण भारत को विश्व का सबसे बड़ा तथा मजबूत लोकतन्त्र माना जाता है।
पठानियां ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि लोक सभा और विधान सभा लोकतन्त्र के सबसे बड़े मंदिर हैं, जहां से देश और प्रदेश की दशा एवं दिशा तय होती है। उन्होंने कहा कि संविधान में कानून बनाने का अधिकार केवल संसद और विधान सभा को प्राप्त है। उन्होंने विद्यार्थियों को जानकारी दी कि लोक सभा तथा विधान सभा के सदस्यों का चुनाव जनता द्वारा सीधे अपने मतों के माध्यम से किया जाता है। लोक सभा तथा विधान सभा का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, जबकि राज्य सभा तथा विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विधायकों की संख्या 68 है, जबकि लोक सभा सदस्यों की संख्या 4 और राज्य सभा सदस्यों की संख्या 3 निर्धारित है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज का बालक कल का नेता है और आने वाले समय में देश तथा प्रदेश का भार आप सभी के कंधों पर होगा। ऐसे में युवाओं के लिए लोकतान्त्रिक संस्थाओं, संविधान और संसदीय परंपराओं को समझना बेहद आवश्यक है।
पठानियां ने कहा कि हम सभी को अपने स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को सदैव स्मरण रखना चाहिए। आज यदि हम स्वतंत्र हैं, अपने हक की बात कर सकते हैं और हमारे पास अपना संविधान है, तो यह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और शहादत की देन है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखते हुए देश के लोकतान्त्रिक मूल्यों को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने छात्र-छात्राओं को सदन में होने वाली कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दी तथा उन्हें सदन की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने विधान सभा की कार्यवाही को प्रत्यक्ष रूप से देखा और संसदीय प्रक्रिया, सदन के संचालन तथा लोकतान्त्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। छात्रों की इस रुचि को देखते हुए विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं का लोकतन्त्र के प्रति जागरूक होना देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

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