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संजौली व करियाली स्कूल के विद्यार्थियों ने विधानसभा अध्यक्ष से की मुलाकात, संसदीय प्रणाली को लेकर पूछे सवाल


शिमला। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संजौली तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करियाली, जिला शिमला के छात्र-छात्राओं ने आज पूर्वाह्न 10:30 बजे हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विद्यार्थियों ने संसदीय प्रणाली, विधानसभा की कार्यप्रणाली और विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से संबंधित कई सवाल पूछे, जिनका विधानसभा अध्यक्ष ने सिलसिलेवार जवाब देकर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने विद्यार्थियों से लोकतांत्रिक व्यवस्था, भारतीय संविधान और हिमाचल प्रदेश विधानसभा के इतिहास से जुड़े प्रश्न भी पूछे। विद्यार्थियों ने इन प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास किया। इस दौरान बातचीत का माहौल बेहद रोचक और ज्ञानवर्धक रहा।
संसदीय प्रणाली से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कुलदीप सिंह पठानियां ने कहा कि भारत की संसदीय प्रणाली संघीय ढांचे पर आधारित है, जिसमें संघ और राज्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि देश में बहुदलीय प्रणाली प्रचलित है। राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारते हैं और जनता मतदान के माध्यम से उनका चुनाव करती है। विधानसभा सदस्य सदन के सत्रों के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं को प्रश्नों और विभिन्न नियमों के तहत सदन में उठाते हैं, जिनका सरकार की ओर से जवाब दिया जाता है। कई सदस्य सरकार के जवाब से संतुष्ट होते हैं, जबकि कुछ सदस्य असंतुष्ट भी रहते हैं।
पठानियां ने विद्यार्थियों को बताया कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कुल 68 सीटों का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि जिस दल को 35 या उससे अधिक सीटें प्राप्त होती हैं, वह सरकार का गठन करता है। इसके बाद मंत्रिमंडल का गठन किया जाता है, जिसमें मुख्यमंत्री और मंत्री शामिल होते हैं। मुख्यमंत्री सरकार का मुखिया होता है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया भी समझाई
विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के बारे में जानकारी देते हुए पठानियां ने बताया कि विधानसभा में स्पीकर का चुनाव विधानसभा के सदस्य करते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य यानी प्रोटेम स्पीकर द्वारा की जाती है। इसके बाद स्पीकर पद के लिए उम्मीदवारों का नामांकन होता है। यदि केवल एक उम्मीदवार हो तो उसे निर्विरोध स्पीकर चुन लिया जाता है, जबकि एक से अधिक उम्मीदवार होने की स्थिति में मतदान कराया जाता है और सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाला उम्मीदवार विधानसभा अध्यक्ष चुना जाता है।
विधानसभा अध्यक्ष ने सभी छात्र-छात्राओं को सदन के भीतर होने वाली कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान और संसदीय परंपराओं की जानकारी हासिल करने के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

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