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खिलाड़ियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा नया बल, धर्मशाला-शिलारू-बिलासपुर में खेल विज्ञान सुविधाएं सुदृढ़ होंगी


नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार द्वारा खिलाड़ियों की स्वास्थ्य देखरेख और खेल सुविधाओं को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बताया कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा एवं खेल विज्ञान सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण संरचनात्मक कदम उठाए गए हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और सफदरजंग क्रीड़ा आघात केंद्र के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो अंतिम हस्ताक्षर की तिथि से तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा या इसके संशोधन अथवा निरस्तीकरण तक लागू रहेगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस सहयोग के तहत खिलाड़ियों के लिए साक्ष्य आधारित चिकित्सा प्रोटोकॉल तैयार किए गए हैं, जिनमें चोटों की जोखिम जांच, निदान, उपचार, पुनर्वास तथा खेल में सुरक्षित वापसी की प्रक्रियाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अस्थि-मांसपेशीय चोटों, मस्तिष्काघात, लिगामेंट, टेंडन और कार्टिलेज संबंधी चोटों के उपचार और प्रबंधन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने जानकारी दी कि भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा धर्मशाला, शिलारू और बिलासपुर में प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां खिलाड़ियों को खेल विज्ञान संबंधी सहायता प्रदान की जा रही है। खेल विज्ञान विभाग खेल विशेष आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप इन केंद्रों में खेल विज्ञान अवसंरचना को मजबूत करने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है। बिलासपुर सहित चिन्हित केंद्रों में बायोमैकेनिक्स जैसी आधुनिक सुविधाओं के विकास पर भी कार्य किया जा रहा है।
डॉ. मांडविया ने कहा कि राष्ट्रीय खेल विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र के माध्यम से खेल चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारतीय खेल प्राधिकरण ने खेल आघात केंद्र, वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल, आईआईटी दिल्ली तथा मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान सहित विभिन्न संस्थानों के साथ अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास के लिए संस्थागत सहयोग स्थापित किया है।
इस सहयोगात्मक व्यवस्था के अंतर्गत व्यावसायिक प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, फेलोशिप, कार्यशालाओं और सतत शिक्षा कार्यक्रमों के साथ-साथ खेल चिकित्सा में एमडी पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए भी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वहीं खेल चोटों के अध्ययन, बायोमैकेनिक्स, व्यायाम शरीर क्रिया विज्ञान, पुनर्वास और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के क्षेत्रों में मानकीकृत और साक्ष्य आधारित अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही नैतिक मानकों, खिलाड़ियों की सुरक्षा और डाटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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