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मुनस्लिंग स्कूल रंगरिक में ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम, विद्यार्थियों ने साझा की 2047 के विकसित भारत की कल्पना

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मुनस्लिंग स्कूल रंगरिक में ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम, विद्यार्थियों ने साझा की 2047 के विकसित भारत की कल्पना

रंगरिक। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत मुनस्लिंग स्कूल, रंगरिक में ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में देशप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने के साथ वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने की सोच को प्रोत्साहित करना रहा। साथ ही विद्यार्थियों को अपनी कला, प्रतिभा और रचनात्मक विचारों को अभिव्यक्त करने के लिए मंच प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने चित्रकला, भाषण सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपने सपनों के भारत की कल्पना को प्रस्तुत किया। बच्चों ने स्वच्छ, शिक्षित, आत्मनिर्भर, समावेशी एवं विकसित भारत को लेकर अपने विचारों को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में देश के भविष्य को लेकर उनकी उम्मीदों, आकांक्षाओं और सकारात्मक सोच की झलक देखने को मिली।

इस अवसर पर पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री रवि ठाकुर ने विद्यार्थियों से संवाद किया और उनके विचारों तथा वर्ष 2047 के भारत को लेकर उनके सपनों को जाना। उन्होंने कहा कि बच्चों की कल्पनाओं में भविष्य के भारत की तस्वीर दिखाई देती है। विद्यार्थियों के साथ संवाद करना और उनके विचारों को सुनना एक प्रेरणादायी अनुभव रहा। उन्होंने बच्चों की रचनात्मक सोच और राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी की भावना की सराहना की।

कार्यक्रम का आयोजन संस्था के संस्थापक लामा जी श्री टशी नमग्याल जी के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर लाहौल-स्पीति भाजपा के जिला सह-प्रभारी श्री ज्योति कपूर जी, जिला महामंत्री एवं कार्यक्रम प्रभारी श्री राकेश जी, लाहौल-स्पीति से आए पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री छेरिंग जी, शिक्षकगण तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ-साथ देश के भविष्य को लेकर अपनी सोच, जिम्मेदारी और आकांक्षाओं को भी अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम ने बच्चों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवा पीढ़ी की सोच, प्रतिभा और सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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