
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के आठवें दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले आर्मी पब्लिक स्कूल डगशाई, जिला सोलन, विधि अध्ययन संस्थान शाहपुर, जिला कांगड़ा, डीएवी पब्लिक स्कूल कुमारसेन और डीएवी पब्लिक स्कूल टूटू, जिला शिमला के करीब 200 छात्र-छात्राओं ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से मुलाकात की। छात्रों ने विधानसभा की कार्यप्रणाली, सदन के संचालन, अध्यक्ष की भूमिका, विधानसभा व मंत्रिपरिषद के गठन सहित विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे।
छात्रों के साथ संवाद करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत की संसदीय व्यवस्था संघीय ढांचे पर आधारित है, जिसमें केंद्र स्तर पर संसद और राज्यों में विधानमंडल की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि वह चौदहवीं विधानसभा के सर्वसम्मति से निर्वाचित अध्यक्ष हैं और उनका प्रमुख दायित्व सदन की कार्यवाही का संचालन करना है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सहयोग से ही सदन की कार्यवाही सौहार्द, सामंजस्य और गरिमा के साथ सुचारू रूप से चलती है।
कानून की पढ़ाई कर रहे छात्रों को संबोधित करते हुए पठानियां ने कहा कि वे देश के भावी अधिवक्ता और न्यायाधीश हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था, कानून और देश की स्वतंत्रता की रक्षा करना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में कई प्रमुख नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें मोतीलाल नेहरू, विट्ठलभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे नाम शामिल हैं।
पठानियां ने कहा कि भारतीय सदनों की हमेशा से उच्च परंपरा और गरिमा रही है। विट्ठलभाई पटेल ने केंद्रीय विधानसभा के प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में संसदीय परंपराओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आज भी हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली और संसदीय परंपराओं की पूरे देश में चर्चा होती है।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश सरकार के उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानियां भी विशेष रूप से मौजूद रहे।




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